बाल दिवस हर वर्ष 14 नवंबर को मनाया जाता है। 2026 में यह शनिवार को पड़ रहा है। यह दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाता है — स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, जिन्हें बच्चे प्रेम से चाचा नेहरू कहते थे। 2026 में यह उनकी 137वीं जयंती है।
नीचे तीन अलग-अलग लंबाई के भाषण दिए गए हैं — 10 लाइन, 2 मिनट और 5 मिनट। एक बात पहले से समझ लीजिए: निर्णायकों को वही भाषण याद रहता है जो केवल "नेहरू जी को बच्चे बहुत प्रिय थे" पर नहीं रुकता, बल्कि यह बताता है कि आज के बच्चे के लिए इस दिन का अर्थ क्या है।
10 लाइन — छोटी कक्षाओं (कक्षा 3–6) के लिए
- आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों — आप सभी को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
- आज 14 नवंबर है, पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन।
- वे हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री थे।
- उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद (आज का प्रयागराज) में हुआ था।
- उन्हें बच्चों से बहुत स्नेह था, इसीलिए हम उन्हें चाचा नेहरू कहते हैं।
- वे कहते थे कि आज के बच्चे ही कल का भारत बनाएँगे।
- 1964 से यह दिन पूरे देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- इस दिन विद्यालयों में खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शिक्षकों की प्रस्तुतियाँ होती हैं।
- हमें भी अपने माता-पिता और शिक्षकों की बात मानकर अच्छा मनुष्य बनना है।
- इतना कहकर मैं अपनी बात समाप्त करता हूँ। धन्यवाद, जय हिंद!
2 मिनट का भाषण (कक्षा 6–10)
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियों — आज बाल दिवस पर अपने विचार रखने का अवसर मिलने के लिए मैं आभारी हूँ।
14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में एक बालक का जन्म हुआ, जिसका नाम था जवाहरलाल नेहरू। आगे चलकर वे स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने। परंतु आज हम उनका जन्मदिन उनके पद के कारण नहीं, उनके एक छोटे से स्वभाव के कारण मनाते हैं — उन्हें बच्चों के बीच बैठना और उनसे बात करना सचमुच अच्छा लगता था।
एक बात जो बहुत कम लोग जानते हैं: 1964 से पहले भारत में बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता था, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र उसी दिन विश्व बाल दिवस मनाता है। नेहरू जी के निधन के बाद देश ने उनकी स्मृति में यह दिन 14 नवंबर कर दिया। अर्थात् यह तिथि स्वयं एक श्रद्धांजलि है।
नेहरू जी का एक प्रसिद्ध विचार था — "आज के बच्चे कल का भारत बनाएँगे। हम उनका पालन-पोषण कैसे करते हैं, इसी से देश का भविष्य तय होगा।" यह केवल एक सुंदर पंक्ति नहीं थी। आईआईटी खड़गपुर (1951) और एम्स (1956) जैसे संस्थान इसी सोच से बने — कि देश के बच्चों को आगे पढ़ने की जगह मिलनी चाहिए।
तो हम इस दिन से क्या लें? केवल अवकाश और मिठाई नहीं। बाल दिवस का असली अर्थ यह है कि हर बच्चे को पढ़ने का, खेलने का और सुरक्षित रहने का अधिकार है — यह कोई उपकार नहीं है। हमारे संविधान का अनुच्छेद 21क कहता है कि 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा मिलेगी।
इसलिए आज एक छोटा-सा संकल्प लीजिए: अपनी कक्षा के किसी ऐसे साथी की सहायता कीजिए जो पीछे रह रहा है। यही चाचा नेहरू को सबसे सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
धन्यवाद। जय हिंद!
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5 मिनट का भाषण (कक्षा 11–12, कॉलेज)
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे साथियों — बाल दिवस की आप सभी को शुभकामनाएँ।
एक प्रश्न से आरंभ करता हूँ। हम एक ऐसे व्यक्ति के जन्मदिन को "बच्चों का दिन" बनाकर क्यों मनाते हैं, जो स्वयं प्रधानमंत्री थे और जिनके कंधों पर एक नए-नवेले स्वतंत्र देश का भार था? इसका उत्तर ही इस दिन का पूरा अर्थ है।
व्यक्ति। जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ। शिक्षा इंग्लैंड में हुई, वकालत की, फिर स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े और कुल मिलाकर नौ वर्ष से अधिक कारावास में रहे। 15 अगस्त 1947 की रात उन्होंने "ट्रिस्ट विद डेस्टिनी" वाला ऐतिहासिक भाषण दिया, और 1947 से 1964 तक देश के प्रथम प्रधानमंत्री रहे।
जेल से लिखे पत्र। 1928 में, जब उनकी पुत्री इंदिरा केवल दस वर्ष की थीं, नेहरू जी ने उन्हें विश्व इतिहास पर पत्र लिखे — वही आगे चलकर "पिता के पत्र पुत्री के नाम" पुस्तक बनी। और बाद में अहमदनगर किले की जेल में बैठकर उन्होंने "भारत एक खोज" लिखी। सोचिए: एक व्यक्ति जेल में बंद है, और वह बच्चों को समझ आने वाली भाषा में इतिहास लिख रहा है। बच्चों के प्रति उनका स्नेह दिखावा नहीं था।
इसीलिए 14 नवंबर। जैसा मैंने कहा, 1964 से पहले भारत 20 नवंबर को बाल दिवस मनाता था। 27 मई 1964 को नेहरू जी के निधन के बाद देश ने यह दिन उनके जन्मदिन पर कर दिया। आज भी विश्व के अधिकांश देशों में विश्व बाल दिवस 20 नवंबर को ही होता है — यह प्रश्न प्रतियोगिताओं में प्रायः पूछा जाता है।
अब ईमानदारी की बात। एक दिन मिठाई और सांस्कृतिक कार्यक्रम का हो, इसमें कुछ ग़लत नहीं। परंतु यदि हम केवल इतना ही करें तो हम उस बात से आँख चुरा रहे हैं जो नेहरू जी ने कही थी। आज भी हमारे देश में लाखों बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं — कभी धन के कारण, कभी घर की परिस्थितियों के कारण, और बालिकाओं के मामले में प्रायः दोनों कारणों से। संविधान का अनुच्छेद 21क शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाता है और अनुच्छेद 24 14 वर्ष से छोटे बच्चे को ख़तरनाक कार्य में लगाने से रोकता है। क़ानून मौजूद है। जो कम पड़ता है, वह है हम सबका ध्यान।
और एक बात जो हम भूल जाते हैं। बाल दिवस केवल इस विषय पर नहीं है कि "बच्चों को क्या मिलना चाहिए"। यह इस विषय पर भी है कि बच्चों से सीखा क्या जा सकता है — प्रश्न पूछने का साहस, बिना किसी कारण के मित्रता, और भूल के बाद शीघ्र क्षमा कर देना। नेहरू जी को बच्चों के साथ समय बिताना इसीलिए प्रिय था, क्योंकि वहाँ कोई औपचारिकता नहीं थी।
अंत में। आज हम सब गुलाब का फूल लगाएँगे, चित्र खिंचवाएँगे और घर चले जाएँगे। परंतु यदि सचमुच श्रद्धांजलि देनी है, तो आज का एक छोटा कार्य चुन लीजिए — अपनी कक्षा के सबसे कम बोलने वाले साथी से बात कीजिए, या किसी छोटे बच्चे को एक घंटा पढ़ा दीजिए। चाचा नेहरू को बड़े भाषण से नहीं, इसी से याद किया जाएगा।
धन्यवाद। जय हिंद!
भाषण में प्रयोग योग्य 5 उद्धरण
- "आज के बच्चे कल का भारत बनाएँगे। हम उनका पालन-पोषण कैसे करते हैं, इसी से देश का भविष्य तय होगा।" — जवाहरलाल नेहरू
- "असफलता तभी आती है जब हम अपने आदर्शों, उद्देश्यों और सिद्धांतों को भूल जाते हैं।"
- "हम एक अद्भुत संसार में रहते हैं, जो सुंदरता, आकर्षण और रोमांच से भरा है।"
- "नागरिकता का अर्थ है देश की सेवा।"
- "संस्कृति मन और आत्मा का विस्तार है।"
मंच पर बोलने के सुझाव
- एक पंक्ति से पकड़ बनाइए। "1964 से पहले यह दिन 20 नवंबर को मनाया जाता था" — इस एक तथ्य से पूरा सभागार आपकी ओर देखेगा।
- केवल तिथियाँ मत गिनाइए। निर्णायकों को विचार याद रहता है, वर्ष नहीं।
- स्वर धीमा और स्पष्ट रखिए — हर पूर्ण विराम पर एक सेकंड रुकिए।
- सामने छोटी कक्षाओं के बच्चे बैठे हैं — उनसे आँख मिलाइए और उनके लिए एक पंक्ति सीधी बोलिए।
- घर पर एक बार ज़ोर से बोलकर अभ्यास कीजिए। मन में पढ़ना और बोलना दो अलग चीज़ें हैं।
यही भाषण अंग्रेज़ी/हिंग्लिश में चाहिए? Children's Day Speech 2026 (English) देखिए। इसी महीने का दूसरा बड़ा दिन — संविधान दिवस पर भाषण 2026 (26 नवंबर)। अन्य भाषण: हिंदी दिवस, गांधी जयंती, स्वतंत्रता दिवस।